निहंग सिंघों पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोश, समूह संगत ने एसडीएम कोर्ट पर दिया धरना
तल्हेड़ी चौकी प्रभारी के निलंबन और दो दिन में दोषियों को जेल भेजने के आश्वासन पर समाप्त हुआ आंदोलन; मांग पूरी न होने पर 16 जून को दोबारा आंदोलन की चेतावनी
देवबंद (मनदीप रमेश)।
देवबंद थाना क्षेत्र के तल्हेड़ी में एक सप्ताह पूर्व निहंग सिंघ भाइयों पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से सिख समाज और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश है। पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली के विरोध में जिले की समूह संगत ने किसान यूनियनों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर एसडीएम कोर्ट देवबंद पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे से शुरू हुआ यह धरना दोपहर बाद तक चला।
बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम विजय प्रताप सिंह और सीओ अभितेष सिंह ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। सीओ द्वारा तल्हेड़ी चौकी प्रभारी के निलंबन की रिपोर्ट भेजने और दो दिन के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने का ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त किया गया। हालांकि, संगत ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 16 जून तक प्रशासन ने अपना वादा पूरा नहीं किया, तो दोबारा बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
’प्रशासन की गुमराह करने वाली नीति बर्दाश्त नहीं’
’निहंग सिंघों को इंसाफ दिलाने समूह संगत जिला सहारनपुर’ के बैनर तले आयोजित इस धरने का नेतृत्व कर रहे बाबा रणजीत सिंह पनियाली ने पुलिस प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि निहंग सिंघों के हमलावरों पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस केवल ढुलमुल रवैया अपना रही है और समाज को बार-बार गुमराह कर रही है, जिसे अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने को संबोधित करते हुए भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजपाल सिंह ने कहा कि पूरे मामले में तल्हेड़ी पुलिस चौकी प्रभारी की कार्यप्रणाली पूरी तरह से संदेह के घेरे में है। उन्होंने ऐलान किया कि यदि सिख समाज को न्याय नहीं मिला, तो भारतीय किसान यूनियन उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटकर विरोध करेगी।
आमरण अनशन पर बैठे युवक का खुलवाया व्रत
धरने के दौरान न्याय की मांग को लेकर सुबह से अन्न-जल त्याग कर आमरण अनशन पर बैठे युवक चरणप्रीत सिंह को सीओ अभितेष सिंह ने खुद पानी पिलाकर उसका अनशन तुड़वाया और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया।
इन प्रमुख नेताओं और सामाजिक हस्तियों ने किया संबोधित
धरने पर बैठकर रोष जताने वालों में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल रहे और सभी ने पुलिस प्रशासन की सुस्ती की कड़े शब्दों में निंदा की:
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रतिनिधि: गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के प्रधान सुजसबीर सिंह, महामंत्री अमनदीप सिंह, देवबंद गुरुद्वारा प्रधान सेठ कुलदीप कुमार, रामपुर मनिहारान गुरुद्वारा प्रधान मनजिंदर सिंह, नानौता प्रधान भूपेंद्र सिंह।
राजनीतिक एवं सामाजिक नेता: पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर, जागृति जमीर मोर्चा (मुजफ्फरनगर) के चेयरमैन हन्नी सेखों, भाकियू (वर्मा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल सिंह, सपा नेता टिंकू अरोड़ा, अरुण राणा, और पंजाबी समाज के अध्यक्ष सतीश गिरधर।
संचालन और उपस्थिति
इस उच्च स्तरीय धरने की अध्यक्षता बाबा छबेग सिंह कोटा ने की, जबकि संचालन पनियाली गुरुद्वारा कमेटी के सचिव हरजीत सिंह और देवबंद गुरुद्वारा कमेटी के सचिव गुरजोत सिंह सेठी ने संयुक्त रूप से किया।
इस दौरान मुख्य रूप से बाबा अजीत सिंह, बाबा गुलजार सिंह, बाबा विजय सिंह, बालेंद्र सिंह, सर्वजीत सिंह धीर, डॉ. गुरदीप सिंह सोढ़ी, कर्मजीत सिंह एडवोकेट, राजेश अजमानी, बलदीप सिंह, राघव दास अग्रवाल, मनोज सिंघल, कुणाल गिरधर, सचिन छाबड़ा, मनजोत सिंह, हरविंदर सिंह बेदी, जसमीत सिंह बराड़, लाडी सरसावा, सुरजीत सिंह फंदपुरी, रवि रंगूला, कपिल डाबर, संतोष सिंह, श्याम लाल भारती, प्रभजोत सिंह, रवि होरा, मंगू सचदेवा, ईश्वर उपाध्याय और रिच्छपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
इन संगठनों का मिला पुरजोर समर्थन
समूह साध संगत द्वारा दिए गए इस धरने को पूरे जिले की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के अलावा कई बड़े संगठनों का खुला समर्थन प्राप्त हुआ, जिनमें शामिल हैं:
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)
भारतीय किसान यूनियन (वर्मा)
सनातन सभा ट्रस्ट
नगर उद्योग व्यापार मंडल
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
नागल व्यापार मंडल